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सामानà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर सोना या कम सोना सेहत को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, वैसे ही पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोने से बचà¥à¤šà¥‡ के विकास पर असर पड़ता है। सामानà¥à¤¯ तौर पर 7 घंटे की नींद लेना परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होता है। लेकिन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिलाओं को सात घंटे से थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोना चाहिठऔर जरूरत लगें तो दिन में à¤à¥€ थोड़ी देर सोना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कितनी नींद परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है?
नैशनल इंसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल डिसऑरà¥à¤¡à¤° à¤à¤‚ड सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 18 से 64 वरà¥à¤· तक की आयॠके लोगों को सात घंटे की नींद लेनी चाहिà¤à¥¤ वहीं, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को रात में 8 घंटे सोना चाहिठऔर दिन में à¤à¥€ करीब 2 घंटे लेटना चाहिठ(2)।
आइà¤, अब जानते हैं कि मां के कम नींद लेने का शिशॠपर कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है।
कà¥à¤¯à¤¾ कम नींद गरà¥à¤ में शिशॠको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकती है?
गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ व ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की जरूरत होती है। अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला पूरी तरह से नींद नहीं लेती है, तो पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा तक ठीक से रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ नहीं होती। इसका सीधा असर à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास पर पड़ता है। à¤à¥à¤°à¥‚ण की हृदय गति कम हो सकती है और उसे खून की कमी à¤à¥€ हो सकती है। यहां धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने वाली बात यह है कि जब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला सो रही होती है, तो उस दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण तक रकà¥à¤¤ व ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ तेज गति से होता है। साथ ही कम नींद लेने से शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ à¤à¥€ नहीं होता, जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण को नà¥à¤•सान हो सकता है (3)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कम नींद की समसà¥à¤¯à¤¾ व उसके समाधान
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान नींद कम आने या न आने के कई कारण हो सकते हैं (1)। हम उन सà¤à¥€ के बारे में पहली, दूसरी व तीसरी तिमाही के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बताà¤à¤‚गे। साथ ही उनके समाधान à¤à¥€ आपके साथ शेयर करेंगे।
1. पहली तिमाही
समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ :
बार-बार मूतà¥à¤° आना : इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में खून का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बढ़ जाता है, जिसे फिलà¥à¤Ÿà¤° करने के लिठकिडनी को अधिक काम करना पड़ता है। इस कारण अधिक पेशाब आता है। साथ ही पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में वृदà¥à¤§à¤¿ होने के कारण à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ होता है (4)। इसके अलावा, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बढ़ने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव पड़ता है, जिस कारण बार-बार मूतà¥à¤° आने की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ता है और नींद खराब होती है।
शरीर में दरà¥à¤¦ : गरà¥à¤ में विकसित हो रहे शिशॠको संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ के लिठआपका शरीर तैयार हो रहा होता है। इस कारण से मांसपेशियों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर दबाव पड़ता है। इससे शरीर में जगह-जगह दरà¥à¤¦ महसूस होता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤¾à¥‡à¤‚ में सूजन और शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ à¤à¤¾à¤— में à¤à¤‚ठन आना आम बात होती है, जिस कारण रात को बार-बार नींद खराब होती है (5)।
उलà¥à¤Ÿà¥€ आना : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जी-मिचलाना या उलà¥à¤Ÿà¥€ आना आम बात होती है (6)। अमूमन à¤à¤¸à¤¾ सà¥à¤¬à¤¹ या फिर दिन के समय होता है, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ रात को à¤à¥€ इसका सामना करना पड़ सकता है।
समाधान :
सोने का नियम बनाà¤à¤‚ : रात में ठीक तरह से नींद आने की समसà¥à¤¯à¤¾ को आप दिन में सो कर कà¥à¤› हद तक कम कर सकती हैं। इसके लिठआप अपनी सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° शैडà¥à¤¯à¥‚ल तैयार करें। आप या तो दिन में दो घंटे के लिठसो जाà¤à¤‚ या फिर आधे-आधे घंटे की नींद à¤à¥€ ले सकती हैं। अगर आप कहीं काम करती हैं, तो ऑफिस में à¤à¤¸à¥€ आरामदायक जगह चà¥à¤¨ सकती हैं, जहां थोड़ी देर à¤à¤ªà¤•ी ले सकें।
शाम को कम लें पेय पदारà¥à¤¥ : दिनà¤à¤° में जितना हो सके पेय पदारà¥à¤¥ का सेवन करें, लेकिन शाम को छह बजे के बाद इसे कà¥à¤› कम कर दें। हालांकि, पानी पीती रहें, लेकिन कम मातà¥à¤°à¤¾ में। इससे रात को सोते समय बार-बार शौचालय जाने की नौबत कम आà¤à¤—ी।
खान-पान पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ : मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस से निपटने के लिठआप अपने खान-पान को बेहतर करें। तली व à¤à¥à¤¨à¥€ हà¥à¤ˆ चीजों की जगह पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार खाà¤à¤‚। सà¥à¤¬à¤¹ कà¥à¤› देर टहलें और अदरक वाली चाय या फिर नींबू पानी का सेवन करें। मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस की समसà¥à¤¯à¤¾ काफी देर तक कà¥à¤› न खाने से à¤à¥€ हो सकती है। इसलिà¤, सोने से पहले थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में सूखा और बà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड किया खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, सोकर उठने के तà¥à¤°à¤‚त बाद à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ ही सूखा और फीका खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ लिया जा सकता है। इस बारे में आप à¤à¤• बार अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ले सकते हैं।
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® : अगर आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सेहतमंद रहना चाहते हैं और अनिदà¥à¤°à¤¾ से निपटना चाहते हैं, तो वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है। इसे आप सà¥à¤¬à¤¹ के समय ही करें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि किसी à¤à¥€ तरह का वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर पूछ लें और उसके निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° ही करें।
2. दूसरी तिमाही
समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ :
सीने में जलन : दूसरी तिमाही में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ काफी हद तक कम हो जाती है, लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार और बड़ा हो जाने के कारण पेट पर दबाव पड़ता है, जिस कारण सीने में जलन जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। जब आप लेटते हो, तो यह समसà¥à¤¯à¤¾ और बढ़ जाती है (7)।
à¤à¤‚ठन : इस अवधि में à¤à¤‚ठन की समसà¥à¤¯à¤¾ बड़ जाती है। अधिकतर महिलाओं को पिंडलियों में à¤à¤‚ठन महसूस होती है, जिस कारण वह रातà¤à¤° सो नहीं पाती हैं (5)।
अजीब से सपने : कà¥à¤› गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ अजीब तरह के सपनों का अनà¥à¤à¤µ करती हैं। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का कहना है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के कारण थकान और अनà¥à¤¯ तरह के तनाव के कारण कà¥à¤› महिलाओं को बà¥à¤°à¥‡ सपने आते हैं। इस कारण से à¤à¥€ उनकी नींद खराब होती है।
समाधान :
समय से करें à¤à¥‹à¤œà¤¨ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पाचन तंतà¥à¤° की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ धीमी हो जाती है। इसलिà¤, रात को à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के तà¥à¤°à¤‚त बाद न सोà¤à¤‚। à¤à¥‹à¤œà¤¨ और सोने में कà¥à¤› घंटों का अंतराल रखें, ताकि खाना अचà¥à¤›à¥€ तरह हजम हो जाठऔर सीने में जलन जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ न हो।
हलà¥à¤•ा à¤à¥‹à¤œà¤¨ : संà¤à¤µ हो तो रात को हलà¥à¤•ा खाना ही खाà¤à¤‚। वहीं, नाशà¥à¤¤à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¥€ कर सकते हैं, लेकिन पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ता से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होना चाहिà¤à¥¤
मिरà¥à¤š-मसाले से परहेज : तले व अधिक मिरà¥à¤š-मसाले वाले पदारà¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पाचन तंतà¥à¤° के लिठअचà¥à¤›à¥‡ नहीं होते। साथ ही कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन से सीने में जलन हो सकती है, इसलिठउन चीजों से परहेज करें। इनकी जगह कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ व हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करें।
पैरों को आराम : आप पैरों को दाà¤à¤‚-बाà¤à¤‚ और ऊपर-नीचे मोड़कर पिंडलियों में आने वाली à¤à¤‚ठन से बच सकते हैं।
तनाव से राहत : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में थकान व तनाव होना आम बात है। आप योग व मेडिटेशन के जरिठऔर मनपसंद किताब व संगीत सà¥à¤¨à¤•र इसे कम कर सकते हैं।
काउंसलिंग : अगर आप बà¥à¤°à¥‡ या अजीब तरह के सपनों से डर रहे हैं, तो मेडिटेशन करें। अगर इसके बाद à¤à¥€ आराम नहीं मिलता, तो किसी काउंसलर की मदद ले सकते हैं।
3. तीसरी तिमाही
समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ :
पीठमें दरà¥à¤¦ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में वजन बढ़ जाता है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार à¤à¥€ पहले से बड़ा हो जाता है। इस कारण से पीठमें दरà¥à¤¦ होने लगता है। इस कारण से अधिकतर महिलाओं को रात को सोते समय नींद नहीं आती (5)।
बार-बार मूतà¥à¤° आना : पहली तिमाही की तरह इस तिमाही में à¤à¥€ बार-बार मूतà¥à¤° आने का अहसास हो सकता है। à¤à¤¸à¤¾ शिशॠके विकसित होने और शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ के पास आ जाने से होता है।
सांस लेने में दिकà¥à¤•त : पेट के बढ़ने से सांस लेने में दिकà¥à¤•त महसूस हो सकती है। कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ सोते हà¥à¤ खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देती हैं। हालांकि, यह कोई समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है, लेकिन कà¥à¤› मामलों में सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसमें कà¥à¤› सेकंड के लिठसांस रà¥à¤• जाती है। इससे न सिरà¥à¤« नींद खराब होती है, बलà¥à¤•ि शिशॠके वजन पर à¤à¥€ असर पड़ता है (8)।
आरà¤à¤²à¤à¤¸ (RLS) : कà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ महसूस होगा कि टांगों के अंदर चींटियां चल रही हैं। इसे रेसà¥à¤Ÿà¤²à¥‡à¤¸ लेग सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (आरà¤à¤²à¤à¤¸) कहते है। इससे à¤à¥€ रात की नींद खराब हो सकती है (9)।
समाधान :
पीठकी देखà¤à¤¾à¤² : अगर पीठमें दरà¥à¤¦ हो, तो करवट लेकर लेटना चाहिà¤à¥¤ साथ ही दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच तकिया रखने और हलà¥à¤•े हाथों से पीठकी मालिश करने से à¤à¥€ आराम मिल सकता है। इसके अलावा, डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर पीठदरà¥à¤¦ के लिठकà¥à¤› वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¥€ किठजा सकते हैं।
कम पेय पदारà¥à¤¥ : दिनà¤à¤° पेय पदारà¥à¤¥ और पानी का सेवन अधिक से अधिक करें, लेकिन शाम को इसे कà¥à¤› कम कर दें, ताकि रात को सोते समय बार-बार शौचालय जाने की जरूरत महसूस न हो।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जांच : अगर आप सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना कर रही हैं यानी रात को सोते समय सांस चढ़ जाने से नींद खà¥à¤² जाती है और दिनà¤à¤° थकावट महसूस होती है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में बिना देरी किठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें और जांच कराà¤à¤‚।
मालिश : रात को सोते समय टांगों में अजीब-सी बेचैनी यानी आरà¤à¤²à¤à¤¸ की दिकà¥à¤•त महसूस होती है, तो सोने से पहले टांगों की हलà¥à¤•ी मालिश करवा लें। साथ ही शाम को थोड़ी देर टहलें जरूर। इसके अलावा, अपने आहार में संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ व पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को शामिल करें। इनमें आयरन और फोलेट की मातà¥à¤°à¤¾ जरूर होनी चाहिà¤, ताकि आरà¤à¤²à¤à¤¸ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ न हो।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में नींद न आने से समसà¥à¤¯à¤¾
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान रात को अचà¥à¤›à¥€ तरह न सोने से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª व गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤§à¤¿ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, अधिक वजन, अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ गà¥à¤²à¥‚कोज का सà¥à¤¤à¤° व à¤à¥‚ख बढ़ने जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। साथ ही गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠतक परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ व रकà¥à¤¤ की सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ नहीं हो पाती है, जिस कारण उसका विकास रà¥à¤• जाता है। इसके अलावा, समय से पूरà¥à¤µ डिलीवरी का अंदेशा बढ़ जाता है। आंकड़ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 14.6 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं में यह समसà¥à¤¯à¤¾ पाई गई है (10)। कम नींद के कारण निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती हैं।
जनà¥à¤® के दौरान शिशॠका वजन कम हो सकता है।
सिजेरियन डिलीवरी की आशंका बढ़ सकती है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को दिनà¤à¤° जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थकावट महसूस हो सकती है।
किसी à¤à¥€ काम को करने में à¤à¤•ागà¥à¤°à¤¤à¤¾ कम हो सकती है।
इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकता है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¤¾à¤‚ नजर आ सकती हैं।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को तनाव तक का सामना करना पड़ सकता है।
आगे जानिठकि किस अवसà¥à¤¥à¤¾ में सोना सबसे बेहतर होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में किस पà¥à¤°à¤•ार सोना चाहिà¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीठया पेट के बल लेटना मां व शिशॠदोनों के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं होता। यहां हम लेटने की कà¥à¤› अवसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ बता रहे हैं, जो पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही के लिठसबसे उपयà¥à¤•à¥à¤¤ हैं।
इस तरह सोना है बेहतर
पेट या कमर के बल लेटने से बेहतर है कि करवट लेकर सोà¤à¤‚। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, सबसे बेहतर मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ बाईं ओर करवट लेकर सोने की है। दाईं तरफ सोने से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का à¤à¤¾à¤° लिवर पर पड़ता है।
बाईं ओर लेटने से शिशॠको पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के जरिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ व पोषक ततà¥à¤µ मिल पाते हैं। रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ रहता है, जो मां व शिशॠदोनों के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है (11)।
बेशक, à¤à¤• तरफ लंबे समय तक सोना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है, इसलिठबीच-बीच में दाईं ओर करवट लेकर लेट सकते हैं, लेकिन सिरà¥à¤« थोड़ी देर के लिठही।
कोशिश करें कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बाईं ओर करवट लेकर ही सोà¤à¤‚। साथ ही घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़कर सोà¤à¤‚ और दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के नीचे तकिया रख सकते हैं।
अगर आप पीठके बल लेटना चाहते हैं, तो आधे-बैठने की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में लेटें यानी कमर से ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ के पीछे तकियों को रखें। इससे सीने में जलन से बचा जा सकता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही à¤à¤¸à¥€ होती है, जिसमें बाईं ओर करवट लेकर लेटने की आदत डाल ली जाà¤, तो आगे चलकर समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती।
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